लखनऊ। इको गार्डन में पंचायत सहायक कर्मचारियों का प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए पंचायत सहायक पिछले एक सप्ताह से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। शनिवार को भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छाता लेकर धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
पंचायत सहायकों के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद भी इको गार्डन पहुंचे। उनके पहुंचते ही प्रदर्शन स्थल पर समर्थकों और पंचायत सहायकों की भीड़ बढ़ गई। चंद्रशेखर आजाद को देखने के लिए कुछ समर्थक पेड़ पर भी चढ़ गए।
पंचायत सहायकों ने सांसद का स्वागत किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए कहा कि जब तक उनके भाइयों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
6 हजार के मानदेय से नाराज पंचायत सहायक
प्रदर्शन कर रहे पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायत स्तर पर ऑनलाइन काम के साथ-साथ कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालते हैं। इसके बावजूद उन्हें महज 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है।
पंचायत सहायकों की प्रमुख मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका आरोप है कि कम मानदेय के बावजूद उनसे लगातार अधिक काम लिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि काम और जिम्मेदारियों के अनुपात में उन्हें उचित मानदेय और सेवा सुरक्षा नहीं मिल रही है।
नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
पंचायत सहायकों ने सरकार से उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन कार्यों के अलावा प्रशासनिक काम भी उनकी जिम्मेदारी में शामिल हैं।
इसके साथ ही पंचायत सहायकों ने मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और सेवा के दौरान सुरक्षा देने की मांग उठाई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय तक काम करने के बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।
ट्रांसफर और सेवा नियम स्पष्ट करने की मांग
धरने पर बैठे पंचायत सहायकों ने ट्रांसफर और सेवा से जुड़े स्पष्ट नियम बनाए जाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में सेवा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पंचायत सहायकों ने सरकार से उचित करियर और सेवा लाभ देने की मांग की, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें समय पर मानदेय, सेवा सुरक्षा और काम के अनुरूप उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए।

चंद्रशेखर आजाद बोले- मानव संवेदना सबसे ऊपर
पंचायत सहायकों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मानव संवेदना सबसे ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने कम मानदेय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मंत्रियों के यहां पानी पिलाने वाले को भी 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, तो पंचायत सहायकों से 6 हजार रुपये में कैसे काम करवाया जा सकता है।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वह उनकी मांगों के साथ खड़े हैं। चंद्रशेखर आजाद ने यह भी कहा कि कोई पंचायत सहायक परेशान नहीं किया जा सकता।
उन्होंने जोशीले अंदाज में प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मांगें पूरी होने तक पीछे नहीं हटना है। इस दौरान उन्होंने ‘साथी हाथ बढ़ाना’ गीत भी गाया।
एक सप्ताह से जारी है धरना
पंचायत सहायकों का यह धरना पिछले एक सप्ताह से इको गार्डन में जारी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए। उनकी प्रमुख मांगों में 30 हजार रुपये मासिक मानदेय, नियमित कर्मचारी का दर्जा, समय पर मानदेय भुगतान, सेवा सुरक्षा, स्पष्ट ट्रांसफर नियम और बेहतर करियर एवं सेवा लाभ शामिल हैं।
