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राजाजीपुरम की बदहाली: 50 साल पुरानी सीवर लाइन बनी मुसीबत, अधूरा पुल और अतिक्रमण से बढ़ीं परेशानियां

राजधानी लखनऊ के वार्ड संख्या-79 राजाजीपुरम में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। क्षेत्र में 50 साल पुरानी सीवर लाइन जर्जर हो चुकी है, जिससे आए दिन सीवर ओवरफ्लो की समस्या रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड का अधिकांश सीवर सीधे हैदर कैनाल में गिर रहा है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही एनजीटी के नियमों के उल्लंघन का मामला भी सामने आ रहा है।

राजाजीपुरम कॉलोनी को वर्ष 1975 में आवास विकास परिषद ने नगर निगम को हस्तांतरित किया था। इसके बाद से सीवर व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं हुआ। सी ब्लॉक, सपना कॉलोनी और ई ब्लॉक एलआईजी क्षेत्र में सबसे अधिक दिक्कतें हैं। कई जगह सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

दो साल से अधूरा पड़ा पुल

आलमनगर से राजाजीपुरम को जोड़ने वाला पुल पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। पुल का ढांचा तैयार होने के बावजूद निर्माण कार्य रुका हुआ है। अधूरे निर्माण के कारण सर्विस रोड क्षतिग्रस्त हो चुकी है और सीवर व पेयजल पाइपलाइन भी टूट गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।

अतिक्रमण से बाधित सफाई व्यवस्था

वार्ड में हैदर कैनाल और अन्य नालों के दोनों किनारों पर अतिक्रमण होने से सफाई कार्य प्रभावित है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई वर्षों से नालों की ठीक से सफाई नहीं हो पाई है। वहीं कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है।

सामुदायिक केंद्र और मिनी स्टेडियम पर विवाद

राजाजीपुरम में स्थित सामुदायिक केंद्र जर्जर अवस्था में है और अब तक नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया गया है। वहीं क्षेत्र का मिनी स्टेडियम भी विवादों में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बने स्टेडियम का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बच्चों को खेल गतिविधियों के लिए शुल्क देना पड़ता है।

लोगों ने उठाईं ये मांगें

क्षेत्रवासियों ने पुरानी सीवर लाइन बदलने, अधूरे पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने, नालों से अतिक्रमण हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, सामुदायिक केंद्र और मिनी स्टेडियम को नगर निगम को हस्तांतरित करने तथा इंटरलॉकिंग सड़क और बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

पार्षद प्रतिनिधि ने क्या कहा?

पार्षद प्रतिनिधि राजीव त्रिपाठी का कहना है कि वार्ड की सबसे बड़ी समस्या 50 वर्ष पुरानी सीवर लाइन है, जिसके चैंबर पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुल निर्माण कार्य लंबे समय से बंद है, जिससे सड़क, सीवर और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। साथ ही उन्होंने आवास विकास परिषद से सामुदायिक केंद्र को नगर निगम को हस्तांतरित करने की मांग भी की।

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