Lucknow में नौतपा के पहले दिन रविवार देर रात तेज आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। तेज हवाओं के चलते कई होर्डिंग उड़ गए और पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। Gomti Nagar की कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। हालांकि गर्मी से राहत नहीं मिली और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के दूसरे दिन मंगलवार सुबह हल्के बादल छाए रहे। आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहने का अनुमान है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 56 फीसदी और न्यूनतम 25 फीसदी रही। दिनभर 25 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं।
दोपहर 11 से 3 बजे तक सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार इस दौरान हीट स्ट्रोक, चक्कर, सिरदर्द, कमजोरी और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे अधिक रहता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
डॉक्टरों ने चाय, कॉफी, शराब और कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम करने की सलाह दी है, क्योंकि इससे शरीर में पानी की कमी बढ़ सकती है। साथ ही बासी भोजन से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस की पहल, चौराहों पर लगाए गए ग्रीन नेट
भीषण गर्मी के बीच Hazratganj समेत कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन नेट लगवाए हैं। रेड लाइट पर रुकने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को इससे सीधी धूप से राहत मिल रही है। ग्रीन नेट के नीचे तापमान और धूप का असर काफी कम महसूस किया गया।
28, 29 और 30 मई को बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 28 से 30 मई के बीच तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- 28 मई: 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और बारिश
- 29 मई: गरज-चमक और बारिश का ऑरेंज अलर्ट
- 30 मई: 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और हल्की बारिश की संभावना
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन बदलावों के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है।
कमजोर मानसून का अनुमान, खेती पर असर संभव
मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, अल-नीनो जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है, जो भारत में सामान्यतः कम बारिश का कारण बनती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून कमजोर रहा तो इसका असर खेती, जल संसाधनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
