नागपुर में दर्ज जबरन धर्मांतरण, निकाह और रेप के चर्चित मामले में फरार चल रहे मौलाना हजरत ने आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि नागपुर पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते दबाव के कारण आरोपी के लिए छिपना मुश्किल हो गया था। हालांकि कुछ स्थानीय सूत्रों का दावा है कि उसे छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया गया है।
मौलाना हजरत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश में कई दिनों से जुटी हुई थी और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। बुधवार देर रात उसने नागपुर के सोनेगांव पुलिस थाने में सरेंडर किया, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
यह मामला एक 24 वर्षीय महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जो भारतीय वायुसेना के एक कर्मी की पत्नी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे मानसिक दबाव और धमकियों के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया तथा मुख्य आरोपी अयाज ताज मदारे के साथ उसका निकाह कराया गया। महिला का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मौलाना हजरत की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
पुलिस इस मामले में पहले ही अयाज ताज मदारे और आमिर मेहमूद शेख को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड 21 जून तक बढ़ा दी गई है। वहीं मौलाना हजरत को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगी गई है।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो कब बनाए और प्रसारित किए गए तथा पीड़िता को कथित रूप से नशीला पदार्थ कब और कैसे दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता को मध्य प्रदेश के तामिया क्षेत्र ले जाया गया था, जहां मौलाना हजरत द्वारा कथित तौर पर तांत्रिक अनुष्ठान और काला जादू जैसी गतिविधियां किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। महिला का दावा है कि लगातार दबाव और भय के माहौल में उसे धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
