पेपर लीक के आरोपों के बाद आयोजित की गई NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हो गई। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में राज्यभर के 760 परीक्षा केंद्रों पर 3.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। इस बार अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के अलावा 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही अनुमन्य था।
पुनर्परीक्षा को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। गोपनीय परीक्षा सामग्री को जीपीएस युक्त वाहनों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। वहीं सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी गई।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले बहुस्तरीय जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसमें प्रवेश पत्र और फोटो पहचान पत्र का सत्यापन, फोटो और हस्ताक्षर की जांच, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण तथा कई स्तरों पर तलाशी शामिल रही।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था में 192 राजपत्रित अधिकारी, 512 निरीक्षक, 1,747 उपनिरीक्षक, 2,152 मुख्य आरक्षी, 5,882 आरक्षी तथा 207 होमगार्ड स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा पीएसी की तीन कंपनियां और जीआरपी क्षेत्र में एक प्लाटून पीएसी भी तैनात रही।
अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डों और हेलीपैड के माध्यम से राज्य में पहुंची गोपनीय परीक्षा सामग्री को डाक विभाग के समन्वय से सुरक्षित एस्कॉर्ट के साथ संबंधित बैंकों और सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद सीलबंद सामग्री को भी कड़ी सुरक्षा के बीच निर्धारित गंतव्य तक भेजा गया।
परीक्षा की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। राज्य स्तरीय समन्वय समिति और एनटीए के अधिकारियों ने लाइव सीसीटीवी फीड के जरिए परीक्षा केंद्रों की निगरानी की और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी।
