लखनऊ, 1 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की पारंपरिक खानपान की पहचान को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ने की दिशा में ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) पहल को नया विस्तार मिला है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में ओडीओसी ने वॉलमार्ट वृद्धि, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग और बिडला एयरकॉन के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए हैं।
इसके अलावा सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएफटीआरआई) और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) भी ओडीओसी के साथ साझेदारी में जुड़े हैं। इन सहयोगों के जरिए स्थानीय खाद्य उत्पादों को बेहतर पैकेजिंग, तकनीकी सहयोग, खाद्य सुरक्षा और बड़े बाजार तक पहुंच दिलाने पर जोर है।
75 जिलों की पाक पहचान एक मंच पर
यूपीआईटीएस-2026 के ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की विशिष्ट पाक विरासत को प्रदर्शित किया गया। यहां ‘ब्रज की मिठास’, ‘अवध का जायका’, ‘रुहेली रसधार’, ‘बुंदेली बहार’, ‘पश्चिमी परिमल’ और ‘पुरबिया स्वाद’ जैसे क्षेत्रीय खंड बनाए गए।
इनके जरिए उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक स्वाद, व्यंजन और स्थानीय खाद्य उत्पादों को कारोबारी मंच पर प्रस्तुत किया गया।
पांच दिनों में ₹66.49 करोड़ की कारोबारी गतिविधियां
ओडीओसी के हॉल नंबर-16 में 25 से 29 सितंबर तक कुल ₹66.49 करोड़ से अधिक की बी2सी और बी2बी गतिविधियां दर्ज की गईं। इसमें ₹6.76 करोड़ की बी2सी और ₹59.73 करोड़ की बी2बी गतिविधियां शामिल हैं।
इस दौरान कुल 2,223 बी2बी पूछताछ दर्ज हुईं। 25 सितंबर को ₹1.19 करोड़, 26 सितंबर को ₹9.58 करोड़, 27 सितंबर को ₹25.69 करोड़, 28 सितंबर को ₹21.30 करोड़ और 29 सितंबर को ₹8.72 करोड़ की बी2सी एवं बी2बी गतिविधियां दर्ज की गईं।
पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा पर भी फोकस
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के साथ हुए समझौते से स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सीएफटीआरआई की भागीदारी से खाद्य उत्पादों के तकनीकी पहलुओं पर सहयोग मिलेगा।
वहीं एफएसएसएआई के जुड़ने से खाद्य सुरक्षा और निर्धारित मानकों पर ध्यान बढ़ेगा। वॉलमार्ट वृद्धि के साथ एमओयू स्थानीय उत्पादों को बड़े खरीद नेटवर्क और व्यापक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ाता है। बिडला एयरकॉन के साथ साझेदारी से भी संस्थागत सहयोग का दायरा बढ़ा है।
स्थानीय उद्यमियों को मिले कारोबारी अवसर
ओडीओसी लाइव पवेलियन में छोटे और स्थानीय उद्यमियों को नए ग्राहकों तथा संभावित खरीदारों से जुड़ने का मौका मिला। गोंडा कचौड़ी जंक्शन को शुरुआती तीन दिनों में करीब 40 हजार रुपये की बी2सी बिक्री के साथ 150 से अधिक कारोबारी पूछताछ मिली।
वहीं उन्नाव की सक्षम एंटरप्राइजेज ने करीब 90 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की। आजमगढ़ की लौंगलता, रामपुर का हब्शी हलवा और अयोध्या के मौर्य मिष्ठान भंडार जैसे पारंपरिक उत्पादों को भी ग्राहकों की प्रतिक्रिया मिली। कई प्रतिभागियों को बी2बी पूछताछ और संभावित कारोबारी अवसर भी प्राप्त हुए।
स्थानीय स्वाद से बड़े बाजार तक
ओडीओसी का फोकस स्थानीय खाद्य उत्पादों को उनकी पारंपरिक पहचान के साथ गुणवत्ता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार संपर्क से जोड़ना है। यूपीआईटीएस-2026 में हुई साझेदारियों और कारोबारी गतिविधियों के जरिए प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने के अवसर सामने आए हैं।
ओडीओसी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन और खाद्य उत्पाद अब स्थानीय पहचान के साथ-साथ कारोबार और बाजार विस्तार की संभावनाओं से भी जुड़ रहे हैं।
बॉक्ओसी उद्यमियों को मिले नए अवसर
यूपीआईटीएस-2026 के ओडीओसी लाइव पवेलियन में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उद्यमियों ने अपने पारंपरिक उत्पादों को ग्राहकों और कारोबारियों के सामने रखा। गोंडा कचौड़ी जंक्शन को 150 से अधिक कारोबारी पूछताछ मिली, जबकि उन्नाव की सक्षम एंटरप्राइजेज ने करीब 90 हजार रुपये की बिक्री दर्ज की।
आजमगढ़ की लौंगलता, रामपुर का हब्शी हलवा और अयोध्या के मौर्य मिष्ठान भंडार जैसे उत्पादों को भी ग्राहकों की प्रतिक्रिया मिली। आयोजन के दौरान मिले बी2बी संपर्कों से स्थानीय उद्यमियों के लिए नए कारोबारी अवसर बनने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
