नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले की बरसी पर देश के शीर्ष नेताओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प दोहराया।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस हमले को “कायरतापूर्ण और क्रूर” करार देते हुए कहा कि इसमें जान गंवाने वाले लोगों की याद हमेशा देश की सामूहिक चेतना में जीवित रहेगी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य शांति, एकता और मानवता के मूल्यों को कमजोर नहीं कर सकते।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और आतंकवाद के खिलाफ उसका संकल्प अटूट है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा और आतंकियों के मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस हमले का दर्द आज भी हर भारतीय के दिल में मौजूद है। उन्होंने आतंकवाद को “मानवता का सबसे बड़ा शत्रु” बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ देश को एकजुट होकर लड़ना होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के प्रति अपनी शून्य-सहिष्णुता नीति जारी रखेगा।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बेसरन घाटी में लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ से जुड़े आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। यह हमला धर्म के आधार पर लोगों को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश के तहत किया गया था।
