पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इस बीच सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे। उनके अनशन खत्म करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आए। पिछले 24 घंटे में पीएम मोदी ने दो संदेशों के जरिए साफ किया कि सरकार पेपर लीक के मामलों को गंभीरता से ले रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर ऐलान किया कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला एक नया बिल अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। करीब तीन मिनट के संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि प्रस्तावित बिल के ड्राफ्ट पर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की जाएगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
पेपर लीक के दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा
सूत्रों के मुताबिक, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में कई अहम संशोधन किए जा सकते हैं। सरकार मौजूदा कानून को और अधिक कठोर बनाने की तैयारी में है। शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रावधान शामिल किया जा सकता है। इन अदालतों को अधिक अधिकार देने के साथ-साथ दोषियों के लिए सजा और जुर्माने की रकम भी बढ़ाई जा सकती है।

मौजूदा कानून के तहत व्यक्तिगत मामलों में तीन से पांच साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है। वहीं, सर्विस प्रोवाइडर पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। संगठित अपराध के मामलों में पांच से दस साल तक की सजा और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
पीएम मोदी बोले- जल्द पारित कराने की कोशिश होगी
पीएम मोदी ने कहा कि मंत्रिमंडल पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा करेगा और मंत्रियों के सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में पेपर लीक से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई के प्रावधानों वाला बिल लाया जाएगा। सरकार इसे जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी।
पेपर लीक को गंभीर समस्या बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद कष्टदायक होती हैं। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का भी ऐलान
पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक मामले में दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे जेल में हैं। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो। इसी वजह से जल्द से जल्द परीक्षा कराने का फैसला लिया गया, ताकि 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल हो सकें।
इससे पहले गुरुवार सुबह भी पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पेपर लीक के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषियों को जल्द कठोर सजा दिलाने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। सरकार की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार रात अपना अनशन खत्म कर दिया।
गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे और सोनम वांगचुक से मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने उन्हें सरकार की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
वांगचुक के अनशन खत्म करने पर पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोनम वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह मानने और अपना वजन फिर से सामान्य स्थिति में लाने की अपील की। साथ ही उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
