उत्तर प्रदेश शासन के एनेक्सी भवन में डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित संगठन और शासन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में फार्मासिस्ट संवर्ग से जुड़ी सात सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक सहमति बन गई। अपर मुख्य सचिव (ACS) अमित घोष की अध्यक्षता में हुई इस वार्ता को संगठन ने “ऐतिहासिक और कर्मचारी हित में बड़ा कदम” बताया है।
बैठक में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने पदनाम परिवर्तन, वेतन विसंगति, कैडर रिव्यू, चिकित्सा प्रतिपूर्ति समेत कई महत्वपूर्ण मांगों को विस्तार से शासन के सामने रखा। संगठन की बातों को गंभीरता से सुनते हुए अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने संबंधित मामलों पर सकारात्मक रुख अपनाया और मौके पर ही पैरामेडिकल डायरेक्टर डॉ. संजू अग्रवाल को आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जे. के. सचान और प्रदेश महामंत्री प्रद्युम्न सिंह ने संयुक्त रूप से ACS अमित घोष की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने फार्मासिस्ट संवर्ग की समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर मिला यह भरोसा प्रदेशभर के फार्मासिस्टों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।
प्रदेश प्रवक्ता एवं जिला अध्यक्ष लखनऊ राजीव कुमार ने कहा कि व्यस्ततम समय के बावजूद ACS अमित घोष ने संगठन की प्रत्येक मांग पर गहराई से चर्चा की और समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने इसे कर्मचारी हितों के प्रति शासन की सकारात्मक सोच का प्रमाण बताया।
बैठक में चिकित्सा अनुभाग-7 की अनुभाग अधिकारी सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जे. के. सचान, प्रदेश महामंत्री प्रद्युम्न सिंह, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष आर. के. वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्रवण चौधरी समेत कई पदाधिकारी शामिल हुए।
फार्मासिस्ट संगठन का मानना है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई होती है तो इससे प्रदेशभर के हजारों फार्मासिस्ट कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
