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सरकारी स्कूलों में पोषण, संस्कार और शिक्षा का नया मॉडल बना पीएम पोषण योजना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण योजना) सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शिक्षा के साथ पोषण और संस्कार का मजबूत आधार बन रही है। प्रदेश के करीब 1.42 लाख राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

योजना का असर अब स्कूलों में साफ दिखाई देने लगा है। बच्चों की उपस्थिति और नामांकन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल से जोड़ने में यह योजना अहम भूमिका निभा रही है।

विद्यालयों में एक साथ बैठकर भोजन करने से सामाजिक समरसता और समानता का संदेश भी मजबूत हो रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बच्चे साथ भोजन कर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार कर रहे हैं।

प्रदेश में योजना के संचालन में 3.53 लाख से अधिक रसोइयां अहम भूमिका निभा रही हैं। योगी सरकार ने रसोइयों को केंद्र सरकार के मानदेय के अलावा अतिरिक्त 1000 रुपये की सहायता देने के साथ परिधान मद में 500 रुपये की मदद भी सुनिश्चित की है। साथ ही 93 प्रतिशत से अधिक रसोइयों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जा चुका है।

सरकार की ओर से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रसोइयों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिल सके। इसके अलावा विभिन्न जिलों में पाक-कला प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रसोइयों की प्रतिभा को भी मंच दिया जा रहा है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि पीएम पोषण योजना अब केवल मिड-डे मील योजना नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण का मजबूत अभियान बन चुकी है।

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