जर्मनी में रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी एक बार फिर अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार उनके बयान ने न केवल राजनीतिक बहस को जन्म दिया, बल्कि अभिनेत्री और पॉलिटिशियन गुल पनाग की तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आ गई।
ध्रुव राठी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी करते हुए लिखा कि “पीएम मोदी जहां भी जाएं, वहां अपमानित होना डिजर्व करते हैं।” उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और कई यूजर्स ने उनकी आलोचना की।
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए गुल पनाग ने ध्रुव राठी को लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रधानमंत्री या सरकार से असहमति रखना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का विदेशी धरती पर इस तरह से मजाक उड़ाना उचित नहीं है।
गुल पनाग ने अपने पोस्ट में लिखा कि नागरिकों को सरकार की आलोचना करने, असहमति जताने, विरोध करने और चुनाव के माध्यम से बदलाव लाने का पूरा अधिकार है, लेकिन प्रधानमंत्री के पद और भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति का अपमान देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां अंततः भारत और उसके नागरिकों को छोटा दिखाती हैं।
वहीं ध्रुव राठी ने अपने मूल पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पारदर्शिता और संवाद को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की और वे एक नेता के रूप में जवाबदेही और पारदर्शिता के मामले में विफल रहे हैं। उन्होंने विदेशी पत्रकारों से भी अपील की थी कि वे प्रधानमंत्री से कड़े सवाल पूछें और उन्हें जवाबदेह बनाएं।
राठी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक पक्ष ने उनकी बातों का समर्थन किया, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे प्रधानमंत्री और देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। इसी बीच गुल पनाग की प्रतिक्रिया ने इस विवाद को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर राजनीतिक अभिव्यक्ति, अभद्र टिप्पणी और लोकतांत्रिक सीमाओं की बहस का एक नया उदाहरण बन गया है।
