लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में सपा कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सपा के नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विधानसभा पहुंच गए।
प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल और वरिष्ठ नेता राजपाल कश्यप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। इस दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध का असर प्रदेश के कई जिलों में भी देखने को मिला। इटावा, प्रतापगढ़, आगरा और जौनपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। इटावा के शास्त्री चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। वहीं प्रतापगढ़ के अंबेडकर चौराहे पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तारी को लोकतंत्र की हत्या बताया। सुरक्षा को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित सपा कार्यालय के बाहर भी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया।
उधर, जौनपुर में भी अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया।
वहीं, शाहजहांपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पैदल मार्च और मशाल जुलूस निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने भी राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में युवाओं की आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गरमा गया है
