अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन और संचालन को और व्यवस्थित करने के लिए पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का फैसला किया है। ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई है। वह मई 2026 में पश्चिमी वायु कमान के कमांडिंग इन चीफ के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी वह पश्चिमी वायु कमान की कमान संभाल रहे थे।
ट्रस्ट की बैठक के बाद कार्यकारी महामंत्री कृष्ण मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEO की नियुक्ति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चयन समिति ने तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे थे, जिनमें रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, रिटायर्ड मेजर जनरल संजय पी. विश्वासराव और श्रुति भारद्वाज शामिल थीं। बुधवार को हुई बैठक में चर्चा के बाद जीतेंद्र मिश्रा के नाम पर सहमति बनी।
38 साल से ज्यादा का सैन्य करियर
जीतेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को लड़ाकू विमान के पायलट के तौर पर भारतीय वायुसेना में अपने करियर की शुरुआत की थी। 38 साल से अधिक लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई अहम कमांड और स्टाफ पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
पीआईबी के मुताबिक, उन्होंने 1 जनवरी 2025 को पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख का पद संभाला था। वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट भी रह चुके हैं। उनके पास 3,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
उन्होंने पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बेंगलुरु के एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से प्रशिक्षण लिया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान संभाली थी पश्चिमी वायु कमान की कमान
जीतेंद्र मिश्रा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे। 26 अगस्त को एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अभियान से जुड़ी तैयारियों और रणनीति के बारे में जानकारी साझा की थी।
उन्होंने बताया था कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने उसी दिन देर रात वायुसेना प्रमुख से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सरकार सैन्य कार्रवाई का फैसला करती है तो उनकी कमान अपनी योजना के साथ तैयार थी।
उन्होंने यह भी बताया था कि सैन्य बल शांति के समय ही संभावित अभियानों की तैयारी करते हैं। खुफिया जानकारी, अंतरिक्ष से मिली तस्वीरों और ग्राउंड इंटेलिजेंस के आधार पर विभिन्न लक्ष्यों की योजना पहले से तैयार रखी जाती है।
ठोस खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मिश्रा ने कहा था कि अभियान में बेहद ठोस खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया। उनके मुताबिक, यह जानकारी भी उपलब्ध थी कि संबंधित इमारतों में कितने लोग मौजूद हैं।
उन्होंने कहा था कि अभियान के पहले दिन सरकार के निर्देश स्पष्ट थे कि आतंकवादियों, उनके हैंडलर्स और समर्थकों को निशाना बनाया जाए, आम पाकिस्तानी नागरिकों को नहीं।
चढ़ावे में चोरी के बाद ट्रस्ट में कई बदलाव
CEO की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट में हाल के महीनों में कई संगठनात्मक बदलाव किए गए हैं। मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले के बाद 27 जून को ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने पद से इस्तीफा दिया था।
इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए। कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को महामंत्री बनाया गया है, जबकि महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
तीन नए सदस्य भी ट्रस्ट में शामिल
ट्रस्ट के बोर्ड में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडे, दिल्ली के महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।
इस तरह CEO की नियुक्ति के साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के तौर पर प्रशासन और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।
