Mohan Bhagwat तीन दिवसीय लखनऊ प्रवास के बाद मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गए। प्रवास के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में स्वयंसेवकों को संगठन विस्तार, शाखाओं की मजबूती और समाज निर्माण का संदेश दिया।
21 मई से चल रहा 20 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग
Rashtriya Swayamsevak Sangh का 20 दिवसीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग 21 मई से लखनऊ के सरस्वती शिशु मंदिर, निराला नगर में आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग 11 जून तक चलेगा। संघ प्रमुख 24 से 26 मई तक इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य एक बेहतर, जागरूक और संगठित समाज का निर्माण करना है। इसके लिए वैचारिक रूप से मजबूत और समर्पित कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है।
‘भेदभाव मिटाकर संगठित समाज बनाना होगा’
संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण वर्ग मानसिक और बौद्धिक क्षमता को मजबूत करने का माध्यम होते हैं। उन्होंने समाज में भेदभाव खत्म करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मजबूत समाज के निर्माण के लिए शाखा विस्तार और संगठन की मजबूती बेहद जरूरी है। स्वयंसेवकों को समाज के बीच जाकर सेवा और जागरूकता से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।
शताब्दी वर्ष अभियानों की समीक्षा
प्रवास के दौरान मोहन भागवत ने संघ के शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे अभियानों की भी समीक्षा की। इनमें कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे विषय प्रमुख रहे।
उन्होंने संघ पदाधिकारियों से कहा कि आने वाले समय में इन अभियानों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।
संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा प्रवास
तीन दिनों तक विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मोहन भागवत मंगलवार शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए। संघ संगठन के दृष्टिकोण से उनके इस प्रवास को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
