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नियुक्ति पत्र पाकर भावुक हुए चयनित अभ्यर्थी, बोले- योग्यता और मेहनत से मिली सरकारी नौकरी

लखनऊ, 7 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम गुरुवार को चयनित अभ्यर्थियों के लिए भावनात्मक पल बन गया। व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, आयुष विभाग और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में चयनित युवाओं ने मंच से अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानी साझा करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने सरकारी नौकरी को लेकर उनका भरोसा मजबूत किया है।

कार्यक्रम में कई अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र पाकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पहली बार उन्हें यह महसूस हुआ कि बिना सिफारिश, बिना भ्रष्टाचार और बिना किसी दबाव के केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त की जा सकती है।

गाजीपुर निवासी अमित थापा, जिन्हें आईटीआई अनुदेशक पद पर नियुक्ति मिली, ने कहा कि लंबे समय की मेहनत के बाद यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि पूरी चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रही तथा कहीं भी किसी अनुचित माध्यम की जरूरत नहीं पड़ी। अमित ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था ने युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास बढ़ाया है।

चंदौली की अर्चना मौर्य ने कहा कि यह नियुक्ति केवल नौकरी नहीं बल्कि प्रदेश के विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पहले युवाओं के मन में यह धारणा थी कि बिना प्रभाव और पैसे के नौकरी मिलना मुश्किल है, लेकिन अब यह सोच बदल रही है।

रायबरेली की डॉ. नेहा स्वरूप, जिन्हें आयुष विभाग में आवासीय होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी पद पर नियुक्ति मिली, ने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए वह पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी।

वहीं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रोफेसर (यूनानी) पद पर चयनित प्रो. कमरुल हसन लारी ने कहा कि निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया ने योग्य अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रही है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में नर्स पद पर चयनित बलिया की आरती ने कहा कि स्वच्छ भर्ती प्रक्रिया ने उन्हें आत्मविश्वास दिया है। अब उन्हें जरूरतमंद और दिव्यांगजनों की सेवा करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों के वक्तव्यों में एक समान भावना दिखाई दी कि वर्तमान भर्ती प्रणाली ने युवाओं के बीच यह भरोसा पैदा किया है कि अब सरकारी नौकरियों में चयन का आधार केवल योग्यता और परिश्रम बन रहा है।

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