रिपोर्ट – अंकित पांडेय
हमीरपुर: जिले के चंदूपुर गांव के 200 से अधिक स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए खराब सड़क के कारण रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर बच्चों और करीब 50 अभिभावकों को पांच किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ा। मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है।
बारिश में और बिगड़ जाते हैं हालात
चंदूपुर गांव से स्कूल तक जाने वाला करीब 1.5 किलोमीटर रास्ता लंबे समय से खराब है। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति और भी खराब हो जाती है। इससे छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए कई बार प्रशासन से मांग की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इसके बाद ग्रामीणों ने बच्चों के साथ पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क निर्माण की मांग उठाई।

हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि जिन कार्यों की जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की है, उनके लिए छोटे-छोटे बच्चों को सड़क पर उतरना पड़े, यह स्वीकार नहीं किया जा सकता।
चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस **क्षितिज शैलेंद्र** की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार, हमीरपुर के जिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने अधिकारियों से अब तक उठाए गए कदमों और सड़क निर्माण की स्थिति की जानकारी मांगी है।
1.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लंबित
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि सड़क निर्माण के लिए करीब **1.81 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पहले से लंबित** है। इसके बावजूद अभी तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका है। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में भी जवाब मांगा है।मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
