टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्लांट से तैयार होकर निकले 10 लाखवें (1 मिलियन) वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना
किया। यह ऐतिहासिक पल यूपी के औद्योगिक विकास और क्लीन मोबिलिटी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस बड़ी खबर से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं 34 साल का शानदार सफर: 600 एकड़ में फैला टाटा मोटर्स का यह लखनऊ प्लांट साल 1992 में स्थापित किया गया था। तब से लेकर आज तक इस प्लांट ने कमर्शियल वाहनों के निर्माण में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
भविष्य की ओर कदम (EV और CNG): यह प्लांट मुख्य रूप से कमर्शियल पैसेंजर और कार्गो वाहनों के निर्माण पर केंद्रित है। मौजूदा समय में यह अत्याधुनिक लो-फ्लोर बसें, CNG वाहन और इलेक्ट्रिक बसों (EV) का एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है।
इको-फ्रेंडली और ग्रीन विजन: टाटा मोटर्स ने वैश्विक मानकों को ध्यान में रखते हुए इस प्लांट को 2030 तक 100% रिन्यूएबल (नवीकरणीय) ऊर्जा से संचालित करने का लक्ष्य रखा है।
रीसाइक्लिंग को बढ़ावा: प्लांट में ‘Re.Wi.Re’ (Responsible Waste Initiative) के तहत सर्कुलर इकोनॉमी और एडवांस व्हीकल स्क्रैपिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री की इस कार्यक्रम में मौजूदगी यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में स्थापित करने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। इस मौके पर टाटा मोटर्स की लीडरशिप टीम भी मौजूद रही, जिन्होंने इसे भारत की कमर्शियल मोबिलिटी के लिए एक मील का पत्थर बताया।
