आज के समय में जहां अधिकांश लोग ऊंचे वेतन और कॉरपोरेट नौकरी के पीछे भाग रहे हैं, वहीं एक महिला ने मानसिक शांति और बेहतर जीवन संतुलन के लिए आईटी कंपनी की नौकरी छोड़कर ऑटो-रिक्शा चलाने का फैसला किया। खास बात यह है कि इस काम से वह हर महीने करीब 60 हजार रुपये की कमाई कर रही हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला अपनी आईटी नौकरी में लगातार बढ़ते काम के दबाव, लंबे कार्य घंटों और निजी जीवन के लिए समय न मिलने से परेशान थीं। तनावपूर्ण माहौल के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपनी सुविधा के अनुसार ऑटो-रिक्शा चलाना शुरू कर दिया।
महिला का कहना है कि इस फैसले के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। अब वह पहले से अधिक खुश हैं, मानसिक रूप से शांत महसूस करती हैं और अपने समय पर खुद नियंत्रण रखती हैं। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
रील पर लोगों ने भी दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा कि आईटी क्षेत्र में 18 साल बिताने के बाद भी वह लगातार मीटिंग्स, लंबी कॉल्स और देर रात तक काम की समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के माहौल में काम करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
वहीं उत्तर प्रदेश के एक युवक ने कमेंट में बताया कि उसने भी वर्षों पहले नौकरी छोड़कर ऑटो-रिक्शा चलाना शुरू किया था। बाद में उसने अपने कारोबार का विस्तार करते हुए पांच ट्रक खरीद लिए और अब करोड़ों रुपये की संपत्ति का मालिक है। इसके बावजूद वह आज भी ऑटो चलाना जारी रखे हुए है।
महिला की यह कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि सिर्फ ज्यादा वेतन ही सफलता की पहचान नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, संतुष्टि और बेहतर जीवन संतुलन भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
