नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिस्टल में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा। 159 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने महज एक विकेट खोकर 37 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ भारतीय टीम ने टी20 सीरीज भी गंवा दी।
सीरीज में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद टीम इंडिया की रणनीति, कप्तानी और टीम चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति बदलने में सफल नहीं रही।
बल्लेबाजी रही चिंता का विषय
सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। शुरुआती बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके, जबकि मध्यक्रम भी लगातार दबाव में नजर आया। युवा बल्लेबाजों के आक्रामक खेल पर भी चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में शॉर्ट गेंद और सीम-स्विंग के खिलाफ बेहतर तैयारी की जरूरत थी।
गेंदबाजी और टीम चयन पर भी सवाल
गेंदबाजी में भी भारत को शुरुआती विकेट नहीं मिले और मध्य ओवरों में रन रोकने में सफलता नहीं मिली। डेथ ओवरों में भी गेंदबाज प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।
टीम चयन को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है। कुछ क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि इंग्लैंड की तेज और उछाल वाली पिचों पर अधिक तेज गेंदबाजों को मौका मिलना चाहिए था, जबकि भारतीय टीम ने स्पिन विकल्पों पर अधिक भरोसा दिखाया।
हालांकि, टीम प्रबंधन या कप्तान की ओर से इन आलोचनाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब भारतीय टीम की कोशिश अगले मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का समापन सकारात्मक अंदाज में करने की होगी।
