Homeउत्तर प्रदेशयोगी सरकार में रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भरता को मिली नई रफ्तार

योगी सरकार में रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भरता को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों में रोजगार, निवेश और स्वरोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश सरकार ने रोजगार को मिशन मोड में लेते हुए युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं।

सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, जिसके तहत सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। यही वजह है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है।

9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां

योगी सरकार के कार्यकाल में अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। पुलिस विभाग में 2.19 लाख से अधिक भर्तियां पूरी हुईं, जबकि वर्ष 2026 में 80 हजार से अधिक नई भर्तियों की तैयारी है। शिक्षा विभाग में 1.65 लाख से ज्यादा नियुक्तियां की गई हैं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 53 हजार से अधिक और लोक सेवा आयोग द्वारा 47 हजार से ज्यादा युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए नौकरी दी गई

उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर में बड़ा विस्तार

प्रदेश में पंजीकृत कारखानों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 31 हजार के पार पहुंच चुकी है। एमएसएमई सेक्टर ने रोजगार सृजन में बड़ी भूमिका निभाई है। इस सेक्टर से 3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।

खादी एवं ग्रामोद्योग के विस्तार से 4.63 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। वहीं, निवेश को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतारे गए, जिनसे 60 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए।

निवेश से बढ़ी रोजगार की संभावनाएं

पिछले 9 वर्षों में प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1 करोड़ से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार और सेवायोजन की संभावनाएं बनी हैं।

मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना के तहत 38 हजार से अधिक लाभार्थियों को मार्जिन मनी सहायता दी गई, जिससे युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिली।

युवा उद्यमियों को मिला बड़ा सहारा

प्रदेश सरकार ने शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ शुरू किया। वर्ष 2024-25 से अब तक 1.47 लाख युवाओं को इसका लाभ मिला, जिससे 4.51 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर बने।

खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सरकारी सेवाओं में अवसर दिए गए हैं। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति मिल चुकी है

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में बड़ी बढ़ोतरी

बीसी सखी योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया। महिलाओं ने बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में 42,711 करोड़ रुपये का लेन-देन किया और 116 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया।

स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक करोड़ से अधिक महिलाएं रोजगार से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी’ अभियान के तहत 18.55 लाख महिलाएं सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय वाली श्रेणी में पहुंच चुकी हैं।

खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कृषि आधारित आजीविका कार्यक्रमों से 64.34 लाख महिला किसान परिवारों को जोड़ा गया है।

इन उपलब्धियों के आधार पर कहा जा रहा है कि आज उत्तर प्रदेश का युवा नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर जाने के बजाय अपने ही प्रदेश में रोजगार और कारोबार के अवसर तलाश रहा है। रोजगार, निवेश, उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के सामने एक नए मॉडल के रूप में पेश किया ।

 

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