उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद ने पॉलिटेक्निक की सेमेस्टर, वार्षिक और विशेष बैक पेपर परीक्षा मई/जून-2026 का परिणाम जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल के निर्देश पर परीक्षाएं नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से कराई गईं। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कर समय से परिणाम घोषित किया गया।
परीक्षाएं 4 मई से 5 जून 2026 के बीच प्रदेश के 236 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थीं। इसमें कुल 2,68,686 छात्र पंजीकृत थे। इनमें सेमेस्टर सिस्टम के 1,24,671, वार्षिक परीक्षा के 1,27,304 और विशेष बैक पेपर के 7,784 छात्र शामिल रहे। वहीं, 157 राजकीय और अनुदानित पॉलिटेक्निक संस्थानों में उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराया गया।
इंजीनियरिंग में आशुतोष प्रजापति अव्वल
इंजीनियरिंग स्ट्रीम में महामाया पॉलिटेक्निक ऑफ आईटी, महाराजगंज के आशुतोष प्रजापति ने 86.18 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, वाराणसी की पूजा सिंह 85.62 प्रतिशत के साथ दूसरे और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, अमेठी की अनुष्का सिंह 85.38 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
फार्मेसी में दिव्यांशी शुक्ला ने किया टॉप
फार्मेसी स्ट्रीम में रामेश्वरम फार्मेसी कॉलेज, सीतापुर की दिव्यांशी शुक्ला ने 84.35 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया। टीआरसी महाविद्यालय, बाराबंकी की जूली देवी 82.87 प्रतिशत के साथ दूसरे और राजकीय पॉलिटेक्निक, जौनपुर के अभिषेक यादव 82.61 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
टॉप-10 में बेटियों का दबदबा
पॉलिटेक्निक परीक्षा परिणाम में बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंजीनियरिंग और फार्मेसी, दोनों स्ट्रीम के टॉप-10 में 8-8 स्थान छात्राओं ने हासिल किए हैं। इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। पहली बार राजकीय पॉलिटेक्निक जौनपुर और प्रयागराज महिला पॉलिटेक्निक ने भी फार्मेसी के टॉप-10 में जगह बनाई है।
इंजीनियरिंग में 93.42% और फार्मेसी में 62.69% छात्र पास
परिषद अध्यक्ष एवं प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम के अनुसार, अंतिम सेमेस्टर डिप्लोमा इंजीनियरिंग का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.42 प्रतिशत रहा, जबकि फार्मेसी में 62.69 प्रतिशत छात्र सफल हुए। छात्र अपना परिणाम प्राविधिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
नकल पर भी हुई सख्ती
परीक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई भी की गई। नकल के मामलों में 194 छात्रों का परिणाम रोक दिया गया है। वहीं, 896 उत्तर पुस्तिकाओं में मोबाइल नंबर लिखे पाए जाने पर संबंधित विषय में छात्रों को शून्य अंक दिए गए हैं।
