रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बेसिक शिक्षा में कक्षा-कक्ष को अधिक प्रभावी और गतिविधि आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यालयों में टीचिंग लर्निंग मैटेरियल (TLM) तैयार करने के लिए 56.36 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।
इस राशि का इस्तेमाल विद्यालय स्तर पर शिक्षक बच्चों की सीखने की जरूरत, कक्षा और विषय के अनुसार उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार करने में करेंगे। राज्य परियोजना निदेशक एवं महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलों को जारी दिशा-निर्देशों में धनराशि का निर्धारित उद्देश्य के अनुसार प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
15 अक्टूबर तक होगी सामग्री की खरीद
टीएलएम निर्माण के लिए समय-सीमा भी तय की गई है। संबंधित सामग्री की खरीद 15 अक्टूबर 2026 तक पूरी करनी होगी। इसके बाद शिक्षक 31 अक्टूबर 2026 तक कक्षावार और विषयवार टीएलएम तैयार करेंगे।
बेहतर और नवाचारी शिक्षण सामग्री को सामने लाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्र स्तर पर ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इसमें शिक्षक अपने बनाए टीएलएम का प्रदर्शन करेंगे और कक्षा शिक्षण में उसके उपयोग की जानकारी देंगे।
बच्चों की जरूरत के अनुसार तैयार होगा TLM
सरकार का उद्देश्य कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षकों को ऐसी सामग्री तैयार करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराना है, जिसका इस्तेमाल बच्चों को आसानी से पढ़ाने और समझाने में किया जा सके। टीएलएम को निपुण लक्ष्य, पाठ्य बिंदु, विषयवस्तु और शिक्षण योजना के अनुरूप तैयार किया जाएगा।
दिशा-निर्देशों में सामग्री की उपयोगिता, टिकाऊपन और आसानी से उपलब्ध होने का ध्यान रखने के साथ बच्चों की भी सामग्री बनाने और उसे तैयार करने की प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
निपुण लक्ष्य से लेकर गणित और हिंदी की सामग्री
टीएलएम में कक्षा 1 से 5 तक के लिए निपुण लक्ष्य पोस्टर, कक्षावार गणित और हिंदी की तालिकाएं, जबकि कक्षा 3 से 5 के लिए अंग्रेजी और पर्यावरण अध्ययन से जुड़ी सामग्री शामिल होगी।
इसके अलावा कार्ड बोर्ड, चार्ट पेपर, स्केच पेन, फ्लैश कार्ड, एबेकस, ग्लोब, भारत और विश्व के मानचित्र, कठपुतलियां, पशु-पक्षियों और परिवहन से जुड़े चार्ट, घड़ी और वर्णमाला कार्ड जैसी सामग्री की व्यवस्था भी सुझाई गई है।
सामान्य स्टेशनरी पर खर्च नहीं होगी राशि
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि जारी धनराशि का इस्तेमाल केवल निर्धारित टीएलएम तैयार करने में किया जाएगा। सामान्य स्टेशनरी, सफाई सामग्री, सजावट या व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं पर यह राशि खर्च नहीं की जा सकेगी।
टीएलएम के निर्माण और कक्षा में उसके इस्तेमाल की निगरानी प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक, बीईओ, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट और संबंधित शैक्षिक टीमों द्वारा की जाएगी।
बच्चों के सीखने की प्रक्रिया होगी आसान
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बच्चों को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है। शिक्षकों को टीएलएम निर्माण के लिए उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों से कक्षा-कक्ष को अधिक जीवंत बनाने और बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को सहज बनाने में मदद मिलेगी।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने कहा कि शिक्षकों द्वारा तैयार उत्कृष्ट और नवाचारी टीएलएम को ‘निपुण टीएलएम मेला उत्सव’ के माध्यम से साझा किया जाएगा, ताकि बेहतर शिक्षण प्रयोगों को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।
