Homeउत्तर प्रदेशगांव-गांव पहुंचेगा कौशल विकास अभियान, महिलाओं और दिव्यांगों पर फोकस

गांव-गांव पहुंचेगा कौशल विकास अभियान, महिलाओं और दिव्यांगों पर फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार अब कौशल विकास अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी में है। महिलाओं, दिव्यांगजनों और ‘जीरो पॉवर्टी’ श्रेणी के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास मिशन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। मिशन निदेशक पुलकित खरे ने आगरा मंडल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्लेसमेंट व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए।

आगरा, मथुरा, मैनपुरी और फिरोजाबाद के जिला समन्वयकों (DCs) और MIS प्रबंधकों के साथ हुई बैठक में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’, SSDF और DDU-GKY योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मिशन निदेशक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ना है।

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का बजट 50 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का बजट 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत किया जा रहा है और प्रदेश में इसे कक्षा 9 और 11 से प्रभावी रूप में लागू किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ट्रेड का चयन ट्रेनिंग पार्टनर्स के दबाव में नहीं, बल्कि छात्रों की रुचि और स्थानीय जरूरतों के आधार पर किया जाए। मेकअप, आईटी और डेयरी फार्मिंग जैसे ट्रेड्स में युवाओं की मांग को देखते हुए प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।

‘कौशल दृष्टि’ पोर्टल से होगी निगरानी

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘कौशल दृष्टि’ पोर्टल के जरिए निरीक्षण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। मिशन निदेशक ने निर्देश दिए कि अब केवल वही निरीक्षण मान्य होंगे, जिन्हें फोटो और जियो-टैगिंग के साथ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

उन्होंने जिला समन्वयकों को सप्ताह में कम से कम एक औचक निरीक्षण करने और रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने की चेतावनी भी दी गई।

महिलाओं, दिव्यांगों और जीरो पॉवर्टी युवाओं पर विशेष फोकस

बैठक में महिलाओं, दिव्यांगजनों और गरीब परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया गया। मिशन निदेशक ने कहा कि गांव स्तर तक पहुंच बनाने के लिए BDO और ग्राम प्रधानों की मदद ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि पहले जीरो पॉवर्टी श्रेणी का नामांकन केवल 0.1 प्रतिशत था, जिसे अब बढ़ाकर 1.8 प्रतिशत किया गया है। सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 3 से 5 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

फर्जी ट्रेनिंग पार्टनर्स पर सख्त कार्रवाई

मिशन निदेशक ने बताया कि प्रदेश में करीब 400 फर्जी और निष्क्रिय ट्रेनिंग पार्टनर्स को सिस्टम से बाहर किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई ट्रेनिंग पार्टनर केवल आर्थिक लाभ के लिए गलत तरीके से बैच चला रहा है या उसकी लैब मानकों के अनुरूप नहीं है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन बैचों का प्रशिक्षण पूरा होने वाला है, उनके लिए अभी से प्लेसमेंट प्लान तैयार किया जाए ताकि युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।

RELATED ARTICLES

Most Popular