रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 की पुस्तिका का विमोचन किया और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ किया। लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि भी वितरित की।

कार्यक्रम में स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को कुल 3.42 करोड़ रुपये और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण-पत्र और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को एक साथ तीन महत्वपूर्ण चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें प्रोत्साहन फंड, इनक्यूबेटर्स के लिए फंड और स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल तैयार करना शामिल है।
2017 से पहले 120, अब 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल करीब 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज प्रदेश में 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिसमें युवा अपने नए विचारों और नवाचारों को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पिछली स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले गड्ढों वाली सड़कें और अंधेरा उत्तर प्रदेश की पहचान हुआ करती थीं। पर्व और त्योहारों से पहले दंगे होते थे और कर्फ्यू लगाया जाता था। उन्होंने दावा किया कि पांच वर्षों में 700 दंगे हुए थे।
उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में पढ़ाई, शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप और विकास की बात करना किसी सपने से कम नहीं था। उस समय न तो प्रभावी नीति थी और न ही सरकार की इच्छाशक्ति। लोगों को ऐसे वातावरण में जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता था।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने नीतियों और योजनाओं के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार वित्तीय प्रोत्साहन के साथ-साथ इनक्यूबेशन और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है।
