लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) और टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराना है। राज्य मिशन कार्यालय, लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में हुए इस समझौते के तहत महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों और क्लस्टर स्तरीय संघों की संस्थागत क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
एमओयू के तहत महिलाओं को उद्यमिता, कौशल विकास और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रदेश में मिलेट कैफे, एग्रो प्रोसेसिंग आधारित इकाइयों और अन्य महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण उद्यम स्थापित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मिशन निदेशक दीपा रंजन ने कहा कि यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ‘लखपति महिला उद्यमी’ अभियान को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन एवं मुख्य मानव संसाधन, सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी अधिकारी हिमल तिवारी ने कहा कि यह पहल महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित होगी।
कार्यक्रम में यूपीएसआरएलएम और टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
