लखनऊ, 20 अप्रैल। नासा द्वारा जारी “वर्ल्ड नाइट मैप” में उत्तर प्रदेश का दुनिया के सबसे अधिक रोशन क्षेत्रों में उभरना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यह केवल रोशनी का दृश्य नहीं, बल्कि बीते वर्षों में बिजली आपूर्ति और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों को दर्शाता है।
नए ग्लोबल मैप के लिए वैज्ञानिकों ने 2014 से 2022 के बीच पृथ्वी की रात की लगभग 16 लाख सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण किया। अध्ययन में सामने आया कि उत्तरी भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार में शहरीकरण और विकास के चलते रात की रोशनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
गांव से शहर तक बेहतर बिजली आपूर्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए गए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए नीतिगत और तकनीकी बदलाव लागू किए गए, जिससे सप्लाई अधिक स्थिर हुई है।
उत्पादन और ट्रांसमिशन में सुधार
प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को भी मजबूत किया गया। नए उपकेंद्रों की स्थापना, पुरानी लाइनों के आधुनिकीकरण और स्मार्ट तकनीक के उपयोग से बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनी है और लाइन लॉस में कमी आई है।
डिजिटल तकनीक से पारदर्शिता
ऊर्जा क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से उपभोक्ताओं को रियल-टाइम खपत की जानकारी मिल रही है। ऑनलाइन सेवाओं के जरिए बिल भुगतान और शिकायत निवारण आसान हुआ है, वहीं बिजली चोरी पर नियंत्रण भी मजबूत हुआ है।
अर्थव्यवस्था को मिला सहारा
बेहतर बिजली आपूर्ति का असर कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों पर भी पड़ा है। सिंचाई सुविधाएं सुधरी हैं, उद्योगों को निरंतर बिजली मिली है और निवेश के लिहाज से प्रदेश की छवि मजबूत हुई है।
कुल मिलाकर, “वर्ल्ड नाइट मैप” में बढ़ती रोशनी उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास, शहरी विस्तार और ऊर्जा क्षेत्र में सुधारों का संकेत है, जो आने वाले समय में और निवेश व नवाचार को प्रोत्साहित कर सकता है।
