उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का असर अब सीधे जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं और शिकायत निवारण व्यवस्था आम जनता के लिए बड़ी राहत का माध्यम बनकर उभरी हैं। खासकर आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल के जरिए शिकायतों का तेज और पारदर्शी समाधान प्रशासनिक व्यवस्था में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।
92.6% शिकायतों का सफल निस्तारण
विभाग के अनुसार आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कुल शिकायतों में से 92.6 प्रतिशत मामलों का सफल निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़ा विभाग की कार्यकुशलता और जवाबदेही को दर्शाता है। वहीं, ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त शिकायतों में से भी अधिकांश का समाधान किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा सरकारी व्यवस्था पर और मजबूत हुआ है।
ऑफलाइन शिकायतों का भी तेजी से समाधान
समाज कल्याण विभाग ने बताया कि ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त 889 शिकायतों का भी सफल निस्तारण किया गया है। यह दिखाता है कि विभाग सिर्फ डिजिटल ही नहीं, बल्कि पारंपरिक माध्यमों पर भी पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।
पेंशन और छात्रवृत्ति मामलों पर प्राथमिकता
वृद्धावस्था पेंशन और छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। इसका सीधा लाभ बुजुर्गों और छात्रों को मिल रहा है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है और जीवन में स्थिरता आई है।
जरूरतमंदों तक सीधे पहुंच रही मदद
पिछले एक वर्ष में समाज कल्याण विभाग ने 3168 जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है, जबकि केवल पिछले चार महीनों में ही 991 लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविक रूप से लोगों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।
तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता
आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना और उसकी स्थिति की निगरानी करना अब बेहद आसान हो गया है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम हुई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस व्यवस्था से सीधे जुड़कर लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
