लखनऊ में स्थित Avian Lux Serenity भारत की समृद्ध तटीय पाक विरासत को समर्पित विशेष फूड फेस्टिवल ‘द कोस्टल पाइरेट्स’ का आयोजन 18 जून से 30 जून 2026 तक कर रहा है। यह फेस्टिवल भारतीय तटीय राज्यों के पारंपरिक स्वाद, इतिहास और वैश्विक प्रभावों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास है।
होटल के जनरल मैनेजर आकाश सिंह राठौर ने बताया कि यह आयोजन केवल फूड फेस्टिवल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और तटीय भोजन परंपराओं का उत्सव है। उन्होंने कहा कि मेहमानों को स्वाद के माध्यम से इतिहास, विरासत और वैश्विक प्रभावों की अनूठी यात्रा का अनुभव कराने का प्रयास किया जा रहा है।
असिस्टेंट फूड एंड बेवरेज मैनेजर सुनीत कुमार सिंह के अनुसार, फेस्टिवल के लिए ऐसे व्यंजनों का चयन किया गया है जो भारत के विभिन्न तटीय क्षेत्रों की विशिष्ट पहचान को दर्शाते हैं। सभी डिशेज़ को पारंपरिक स्वाद, प्रामाणिक सामग्री और आधुनिक प्रस्तुति के संतुलन के साथ तैयार किया गया है।
ये होंगे प्रमुख आकर्षण
फेस्टिवल में परोसे जाने वाले सी-फूड व्यंजनों में आंध्रा फिश पुलुसु और आंध्रा स्टाइल झींगा करी (रॉय्याला इगुरु) प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा पेपर चिकन रोस्ट और मैंगलोरियन चिकन सुक्का भी मेहमानों को तटीय भारत के मसालेदार और पारंपरिक स्वाद से रूबरू कराएंगे।
शाकाहारी व्यंजनों में गुट्टी वंकाया, बीन्स थोरन, कूटू करी और भरली वांगी जैसे लोकप्रिय दक्षिण भारतीय व्यंजन शामिल किए गए हैं। ये सभी डिशेज़ विभिन्न तटीय राज्यों की स्थानीय सामग्री, मसालों और पाक परंपराओं को प्रदर्शित करती हैं।
इतिहास और स्वाद का अनूठा मेल
फेस्टिवल की थीम भारत की उस पाक यात्रा पर आधारित है, जिसमें वास्को-डी-गामा के आगमन से लेकर पुर्तगाली और ब्रिटिश प्रभावों तक की कहानी स्वाद के जरिए प्रस्तुत की गई है। सदियों से विदेशी प्रभाव भारतीय मसालों, स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक पाक-कौशल के साथ मिलकर एक अनूठी खाद्य विरासत का निर्माण करते रहे हैं।
‘द कोस्टल पाइरेट्स’ इसी विरासत का उत्सव है, जहां भोजन को केवल व्यंजन नहीं बल्कि संस्कृति, यात्रा, इतिहास और आतिथ्य की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
