रिपोर्ट: शिवाकांत पाण्डेय, कुशीनगर
कुशीनगर। जनता दर्शन में मिली गोपनीय शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने संयुक्त जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दीनमोहम्मद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच में निजी प्रैक्टिस, मरीजों को बाहरी दवाएं लिखने और सरकारी आवास पर इलाज करने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
प्रशासनिक जांच में एक मरीज की पर्ची पर 9 दवाएं और 8 जांच लिखी हुई मिलीं। इनमें से 5 दवाएं ब्रांडेड थीं, जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं थीं। शिकायत के अनुसार मरीजों को डॉक्टर के निजी आवास पर बुलाकर इलाज किया जाता था और वहीं से दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती थीं।
संयुक्त जांच टीम ने डॉक्टर के सरकारी आवास की तलाशी ली, जहां भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार की दवाएं बरामद हुईं। जांच के दौरान डॉक्टर दवाओं के भंडारण और वितरण से संबंधित कोई वैध लाइसेंस, अधिकार पत्र या खरीद-बिक्री का अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके।
औषधि निरीक्षक ने बरामद दवाओं की सूची तैयार कर उन्हें डॉक्टर की अभिरक्षा में सौंप दिया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि बिना अनुमति इन दवाओं को न बेचा जा सकेगा और न ही नष्ट किया जा सकेगा। मामले में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।.
जांच के दौरान एक मरीज के परिजन ने लिखित बयान में आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उन्हें अपने आवास पर बुलाकर इलाज किया और दवाओं के बदले पैसे भी लिए। प्रशासनिक रिपोर्ट में सरकारी आवास पर निजी चिकित्सकीय गतिविधियां संचालित होने की पुष्टि भी हुई है।
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और जिला प्रशासन व औषधि विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सभी की नजर अब स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
