रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के मुद्दे को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर शुरू हो गया है। अभ्यर्थियों ने ‘आरक्षण दो, न्याय दो’ के नारे लगाते हुए सरकार से नियुक्ति की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 8 सितंबर को प्रस्तावित है। उनका आरोप है कि सरकार कोर्ट में उन अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूती से नहीं रख रही है, जिनकी नियुक्ति के लिए करीब चार वर्ष पहले चयन सूची जारी की जा चुकी है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस सूची के आधार पर 6800 ओबीसी और दलित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलनी थी, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हुई।

अयोध्या से प्रदर्शन में शामिल हुईं अर्चना शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अभ्यर्थियों ने अपनी समस्या रखी थी। इसके बाद 5 जनवरी 2022 को 6800 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई, लेकिन नियुक्ति आज तक नहीं हो सकी।
अभ्यर्थी आशुतोष पटेल ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चार साल पहले जारी इस सूची के पक्ष में प्रभावी पैरवी नहीं की जा रही है। इससे अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।

वहीं, आंदोलन में शामिल यशवंत ने कहा कि आज से शुरू हुआ आंदोलन अब अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कराई गई तो अभ्यर्थी सामूहिक भूख हड़ताल शुरू करेंगे।प्रदर्शन में गंगा शरण, नजमा, अमर मौर्य, चंदन, संजय और संगम निषाद समेत कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।
