लखनऊ। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की आठ सदस्यीय टीम रविवार को लखनऊ पहुंच गई। आयोग के सदस्य सचिव Pankaj Jain के नेतृत्व में आई टीम 23 और 24 जून को कर्मचारी संगठनों, शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक कर उनके सुझाव प्राप्त करेगी।
बैठकों में कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, वेतन एवं भत्तों में वृद्धि, सेवा शर्तों में सुधार और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े मुद्दे आयोग के समक्ष रखेंगे। बैठकें पूरी होने के बाद आयोग की टीम 24 जून को वापस लौटेगी।
आयोग ने All India Federation of Diploma Engineers को 23 जून को वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष N D Dwivedi ने बताया कि संगठन वेतन संरचना, न्यूनतम वेतन, वार्षिक वेतन वृद्धि, पे-स्केल मर्जर, महंगाई भत्ता, शैक्षिक भत्ता, आवास किराया भत्ता, यात्रा भत्ता, वाहन भत्ता और रात्रि सेवा भत्ता समेत कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखेगा।
इसके अलावा आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश, ग्रुप इंश्योरेंस, जीपीएफ, अनुकंपा नियुक्ति और पुरानी पेंशन बहाली जैसे विषय भी प्रमुखता से उठाए जाएंगे।
वहीं, राज्य कर्मचारी, शिक्षक और बिजली कर्मियों के संगठनों ने आयोग के कार्यक्रम पर नाराजगी जताई है। संयुक्त प्रेसवार्ता में Shailendra Dubey, J N Tiwari, R K Nigam, S S Mishra और Rajesh Singh ने कहा कि राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और बिजली कर्मियों के संगठनों को चर्चा से बाहर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।
संगठनों ने यह भी मांग उठाई कि आयोग प्रदेश में कार्यरत बड़ी संख्या में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करे। उन्होंने कहा कि अब राज्य कर्मचारियों, शिक्षकों और बिजली कर्मियों के संगठन संयुक्त रूप से आयोग के अध्यक्ष से दिल्ली में मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
