दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के पुनर्निर्माण में गड़बड़ी का आरोप लगा है। बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने इसकी शिकायत की है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन ने CPWD से जाँच कर रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली के सिविल लाइन्स में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के पुनर्निर्माण में अनियमितता का आरोप लगा है। बीजेपी विधायक और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने इसकी शिकायत सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) से की थी। CVC ने CPWD के चीफ विजिलेंस ऑफिसर को शिकायत भेजकर जाँच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीजेपी का आरोप- हुआ नियमों का उल्लंघन
विजेंद्र गुप्ता ने 14 अक्टूबर को अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने लगभग आठ एकड़ में बने बंगले का पुनर्निर्माण करते समय नियमों का उल्लंघन किया। उन्होंने दावा किया कि निर्माण में ग्राउंड कवरेज और फ्लोर एरिया रेशियो की अनुमोदित सीमा का उल्लंघन किया गया। योजना का लेआउट प्लान भी सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत नहीं कराया गया।
गुप्ता ने यह भी दावा किया कि राजपुर रोड पर प्लॉट नंबर 45 और 47 पर बने आठ टाइप-V सरकारी फ्लैट, जिनमें पहले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न्यायाधीश रहते थे, को ध्वस्त करके मुख्यमंत्री बंगले में मिला दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लैगस्टाफ रोड पर दो अन्य बंगले, 8-A और 8-B को भी खाली करा कर परिसर में जोड़ दिया गया। गुप्ता ने आगे आरोप लगाया कि जहां टेंडर मौजूदा संरचना के परिवर्धन और बदलाव के लिए आमंत्रित किए गए थे, वहीं पूरी इमारत का पुनर्निर्माण किया गया। कई पेड़ों को काटकर पर्यावरणीय मानदंडों का भी उल्लंघन किया गया और 19,700 पेड़ों का पुनः वनरोपण नहीं किया गया।
