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टिशू कल्चर तकनीक से गन्ना अनुसंधान को नई रफ्तार, किसानों को मिलेगा बेहतर बीज और ज्यादा पैदावार

लखनऊ, 28 अप्रैल। उत्तर प्रदेश में गन्ना उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में इजाफा करने के लिए योगी सरकार अब आधुनिक तकनीकों पर जोर दे रही है। इसी दिशा में गन्ना अनुसंधान को गति देने के लिए टिशू कल्चर तकनीक के जरिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन की पहल की गई है।

इस पहल के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ शुगर केन रिसर्च (यूपीसीएसआर), शाहजहांपुर और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड (बीसीएमएल), हैदरगढ़ (बाराबंकी) के बीच एक एमओयू साइन किया गया है। इसका उद्देश्य टिशू कल्चर के माध्यम से उन्नत और गुणवत्तापूर्ण गन्ना बीज का उत्पादन बढ़ाना और किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों से जोड़ना है।

किसानों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

एमओयू के तहत किसानों, मिल कर्मियों और तकनीकी स्टाफ को टिशू कल्चर से जुड़ी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें

  • टिशू कल्चर लैब और ग्रीन हाउस का संचालन
  • प्लांटलेट तैयार करना और हार्डनिंग
  • खेत में रोपाई की तकनीक

जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही रसायनों, उपकरणों और तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी विशेष फोकस रहेगा।

तेज, शुद्ध और ज्यादा उत्पादन

विशेषज्ञों के अनुसार, पारंपरिक तरीकों के मुकाबले टिशू कल्चर तकनीक से बीज उत्पादन अधिक तेज और शुद्ध होता है। इससे कम समय में बड़ी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार किए जा सकते हैं। परिणामस्वरूप नई उन्नत किस्मों का तेजी से विस्तार होगा और किसानों को बेहतर उत्पादन मिलेगा।

 ‘हैंड्स-ऑन’ ट्रेनिंग से होगा सीधा फायदा

इस पहल के तहत किसानों को ‘हैंड्स-ऑन’ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे इस तकनीक को आसानी से समझकर अपने खेतों में लागू कर सकें। प्रशिक्षण मॉड्यूल में टिशू कल्चर की मूल जानकारी से लेकर फील्ड ट्रांसफर तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।

किसानों को यह भी सिखाया जाएगा कि ग्रीन हाउस में तैयार प्लांटलेट्स को खेत में कैसे स्थानांतरित किया जाए, साथ ही भूमि तैयारी, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन और पौध संरक्षण के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

सरकार की इस पहल से गन्ना किसानों को बेहतर गुणवत्ता के बीज आसानी से उपलब्ध होंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

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