Homeउत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश को कैंसर मुक्त बनाने का लक्ष्य: ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश को कैंसर मुक्त बनाने का लक्ष्य: ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने कहा है कि राज्य को कैंसर मुक्त बनाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ नागरिक ही सशक्त प्रदेश और विकसित राष्ट्र की नींव हैं,” इसलिए सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाए।

लखनऊ स्थित विधानसभा सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रस्तुतीकरण बैठक में उपमुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, सर्जिकल सर्विसेज सशक्तिकरण मिशन और ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तैयार किए गए आगामी वर्षों के रोडमैप को प्रस्तुत किया गया, जिस पर गहन मंथन हुआ।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 100 शैय्या युक्त कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाने की योजना भी तैयार की जा रही है, ताकि रोग की पहचान समय रहते हो सके और इलाज प्रभावी तरीके से किया जा सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करना और ट्रॉमा नेटवर्क को बेहतर बनाना अत्यंत जरूरी है, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

बैठक में सर्जिकल सर्विसेज सशक्तिकरण मिशन पर भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें मानव संसाधन, ढांचे और खर्च संबंधी योजनाओं पर चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाएगी।

ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए भी एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई, जिस पर सरकार जल्द अंतिम निर्णय लेकर उसे लागू करेगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी और लंबित बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

इसी बैठक में उपमुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जो निजी अस्पताल ट्रॉमा सेंटर के मानकों को पूरा नहीं करते हुए गलत तरीके से बोर्ड लगाकर संचालन कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और ऐसे बोर्ड हटवाए जाएं। साथ ही सरकारी एंबुलेंस सेवाओं 108 और 102 को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।

सरकार का मानना है कि इन सभी प्रयासों से उत्तर प्रदेश में एक मजबूत, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य प्रणाली विकसित होगी, जिससे गंभीर बीमारियों से लड़ाई और अधिक प्रभावी हो सकेगी।

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