Uttar Pradesh State Road Transport Corporation की ओर से संचालित ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ के तहत अब उत्तर प्रदेश के छोटे गांवों तक बस सेवा पहुंचने लगी है। योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत शुरुआती चरण में करीब 80 बसों का संचालन शुरू हो चुका है, जिनसे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सफर कर रहे हैं।
प्रदेश की 59 हजार से अधिक ग्राम सभाओं को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार और परिवहन निगम तेजी से काम कर रहे हैं। योजना के तहत गांवों को ब्लॉक, ग्राम पंचायत, तहसील और जिला मुख्यालय से बस सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगा।

70 जिलों में 858 आवेदन चयनित
यूपीएसआरटीसी के सहायक प्रबंधक उमेश आर्य के अनुसार अब तक प्रदेश के 70 जिलों में बस संचालन के लिए 858 बस ऑपरेटरों के आवेदन चयनित किए जा चुके हैं। चयनित एजेंसियों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में बसों का संचालन शुरू कराया गया है और आने वाले समय में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
28 सीट वाली मिनी बसें चलेंगी
योजना के तहत अधिकतम 28 सीटों वाली मिनी बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों की लंबाई 7 मीटर तक निर्धारित की गई है ताकि ग्रामीण और संकरी सड़कों पर भी इन्हें आसानी से चलाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार चयनित ऑपरेटरों ने तय मानकों के अनुसार बसों के ऑर्डर दे दिए हैं और जल्द ही अन्य बसें भी संचालन में शामिल होंगी। बसों के रूट का चयन जिला स्तरीय समितियां कर रही हैं। सभी मार्गों और संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी भी जल्द सार्वजनिक की जाएगी।
ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का अवसर
यह योजना निजी बस संचालकों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। बस संचालन में ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर और अन्य स्टाफ की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का मानना है कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा बेहतर होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।
