लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के कोच में मिले लड़की के धड़ की पहचान हो गई है। मृतका कुशीनगर जिले के सेवरही थाना क्षेत्र के पिपराघाट मुस्तकिल गांव के जयपुर टोला की रहने वाली 15 वर्षीय बेबी शब्बा थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अफेयर के शक में उसके पिता बिग्गन अंसारी ने ही उसकी हत्या की थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बेटी की हत्या के बाद शव के 6 टुकड़े किए और अलग-अलग जगह ठिकाने लगाने की कोशिश की। धड़, हाथ और पैर को बॉक्स और बैग में पैक कर ट्रेन में रख दिया गया, जबकि सिर को गांव के तालाब में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही पर तालाब से सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है।
16 मई को ट्रेन के कोच में मिला था शव
गाड़ी संख्या 15114 छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस 16 मई की शाम छपरा से रवाना होकर 17 मई की सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंची थी। ट्रेन के S-1 कोच की सफाई के दौरान कर्मचारियों को एक संदिग्ध बॉक्स और बैग मिला। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंची। बॉक्स खोलने पर उसमें एक लड़की का धड़ मिला, जबकि हाथ और पैर पॉलीथीन में पैक बैग में रखे थे।
पुलिस के अनुसार शव को इस तरह पैक किया गया था कि बाहर खून के निशान दिखाई नहीं दे रहे थे। लड़की ने रंगबिरंगा सूट पहन रखा था, जिससे पुलिस को अंदेशा हुआ कि वह ग्रामीण इलाके की रहने वाली है।
CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस
शव की पहचान के लिए पुलिस ने कई टीमें बनाई थीं। ट्रेन के रूट के स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध व्यक्ति बॉक्स लेकर ट्रेन में चढ़ता दिखाई दिया। उसकी पहचान बिग्गन अंसारी के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह खुद को निर्दोष बताता रहा, लेकिन बाद में उसने बेटी की हत्या की बात कबूल कर ली।
पत्नी-बेटों को बाहर भेजकर की हत्या
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे शक था कि बेटी किसी युवक से बात करती थी। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। घटना वाले दिन उसने पत्नी और बेटों को घर से बाहर भेज दिया और धारदार हथियार से बेटी की हत्या कर दी।
इसके बाद शव के छह टुकड़े किए। पहचान छिपाने के लिए सिर तालाब में फेंक दिया, जबकि बाकी हिस्सों को प्लास्टिक और कपड़ों में लपेटकर बक्से में रखा। फिर अपने ई-रिक्शा से संदूक तमकुही रोड रेलवे स्टेशन ले जाकर ट्रेन के स्लीपर कोच में रख दिया।
परिवार की पृष्ठभूमि भी आई सामने
ग्रामीणों के मुताबिक बिग्गन अंसारी पहले विदेश में काम करता था और करीब पांच साल पहले गांव लौटा था। वर्तमान में वह ई-रिक्शा चलाता था। बेबी शब्बा तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी दो बड़ी बहनों ने प्रेम विवाह किया था, जिससे आरोपी पहले से नाराज रहता था।
परिवार में दो छोटे बेटे भी हैं, जिनमें बड़ा बेटा कैंसर से पीड़ित बताया जा रहा है। गांव में यह चर्चा भी है कि आरोपी की बड़ी बेटी खुशबू, जो लंबे समय से लापता है, उसके मामले में भी जांच होनी चाहिए।
