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भीषण गर्मी से यूपी में बिजली संकट गहराया, 66.9 करोड़ यूनिट खपत का नया रिकॉर्ड

भीषण गर्मी के चलते उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग और खपत ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को प्रदेश में 669 मिलियन यूनिट यानी 66.90 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं शनिवार को बिजली की अधिकतम मांग 31 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई।

दिन के समय मांग के अनुसार बिजली उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन शहरों से लेकर गांवों तक उपभोक्ताओं को तय शेड्यूल के मुताबिक सप्लाई नहीं मिल पा रही है। वजह है बिजली वितरण व्यवस्था में फॉल्ट होने पर पर्याप्त मैनपावर की कमी और मरम्मत में देरी।

रात के समय स्थिति और ज्यादा गंभीर हो रही है। बढ़ती मांग के बीच पावर कॉरपोरेशन को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही, जिसके चलते कई इलाकों में घंटों कटौती की जा रही है। प्रदेशवासियों की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने रविवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

 

प्रदेश में सुबह सात बजे के आसपास भी बिजली की मांग 24 से 25 हजार मेगावाट से नीचे नहीं जा रही। गर्मी बढ़ने के साथ एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के इस्तेमाल से लोड लगातार बढ़ रहा है।

पिछले साल 12 जून को 655.9 मिलियन यूनिट बिजली खपत का रिकॉर्ड बना था, लेकिन इस बार 22 मई को ही 669 मिलियन यूनिट खपत का नया रिकॉर्ड बन गया। पावर कॉरपोरेशन का अनुमान है कि जून में बिजली की मांग 34 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है।

बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने विभिन्न राज्यों से बैंकिंग व्यवस्था और पावर एक्सचेंज के जरिए अतिरिक्त बिजली खरीदने की कोशिश शुरू कर दी है। हालांकि देशभर में बिजली की मांग बढ़ने के कारण एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर पर भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही।

सौर ऊर्जा के सहारे दिन में आपूर्ति किसी तरह संभाली जा रही है, लेकिन रात में 33 हजार मेगावाट तक बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही। इसका सबसे ज्यादा असर गांवों में देखने को मिल रहा है, जहां रात में लंबी कटौती की जा रही है।

विभाग का दावा है कि महानगरों, मंडल और जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली दी जा रही है, जबकि नगर पंचायतों को 22 घंटे, तहसीलों को 21.52 घंटे और बुंदेलखंड क्षेत्र को 21 घंटे सप्लाई मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को गांवों में औसतन 18 घंटे 37 मिनट बिजली आपूर्ति हुई।

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