Ganga Dussehra के अवसर पर हापुड़ जिले की तीर्थ नगरी Brijghat में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।
देर रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो पूरे दिन जारी रहा। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के जयकारों के बीच स्नान कर दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए।
पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। मान्यता है कि गंगा दशहरा पर स्नान करने से व्यक्ति के ज्ञात-अज्ञात पापों से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त होता है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट नजर आया। Kavita Meena और Gyananjay Singh ने ब्रजघाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। घाटों पर बैरिकेडिंग, चिकित्सा सहायता, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
Uttar Pradesh Police ने घाटों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी अलग-अलग घाटों पर लगाया गया। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को गहरे पानी में न जाने और बच्चों पर नजर रखने की लगातार अपील की जाती रही।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही रूट डायवर्जन लागू कर दिया था, जिससे ब्रजघाट और हाईवे पर यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुचारु बनी रही।
