नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मुलाकात कर संवाद किया। जेवर एयरपोर्ट से संचालित विशेष उड़ान के जरिए 172 किसान लखनऊ पहुंचे थे। जेवर से भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचकर सीएम योगी से भेंट की।
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना आज जिस मुकाम पर पहुंची है, उसमें किसानों के विश्वास और सहयोग की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने एयरपोर्ट निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था, तब भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती दौर में कई किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में उन्होंने स्वयं जेवर पहुंचकर किसानों से संवाद किया और उन्हें इस परियोजना से होने वाले भविष्य के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार पर भरोसा जताया और उसी का परिणाम है कि आज यह परियोजना देश की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब किसान परिवार से जुड़ी हीरा राशिद ने मुख्यमंत्री को बताया कि एयरपोर्ट के लिए मिली मुआवजा राशि की बदौलत वह एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है और अब वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं।
सीएम योगी ने कहा कि एक समय जेवर क्षेत्र अपराध, असुरक्षा और विकास की कमी के लिए जाना जाता था। शाम होते ही लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता था और रोजगार के अवसर भी बेहद सीमित थे। लेकिन आज वही क्षेत्र उत्तर प्रदेश के विकास के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण से क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। देश और दुनिया के बड़े निवेशकों की नजर अब जेवर पर है और आने वाले समय में यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के सहयोग, सरकार की प्रतिबद्धता और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण जेवर आज उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल का प्रतीक बन चुका है। यह परियोजना न केवल क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने का काम कर रही है।
