झांसी। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शनिवार को आयुक्त सभागार में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अवैध खनन, गो तस्करी, भू माफिया और शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माफियाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और जहां भी अवैध गतिविधियां हों, उन्हें तत्काल रोका जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी गौरांग राठी की ‘जनसंवाद’ पहल की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने मुख्य सचिव के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में इस मॉडल की प्रस्तुति कराने को कहा, ताकि अन्य जनपद भी इसे अपनाकर जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान कर सकें।
समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों का जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद आवश्यक है। उन्होंने नए विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
खनन गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सीसीटीवी निगरानी के जरिए अवैध खनन पर रोक लगाने और ओवरलोडिंग के खिलाफ कड़ा अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां अवैध खनन हुआ है, वहां भूमि समतलीकरण के साथ व्यापक वृक्षारोपण कराया जाए।
बैठक में कुपोषित बच्चों के परिवारों को पशुपालन विभाग की योजनाओं से जोड़ने, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उद्यमी बनाने, मिलेट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण को पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस को पेट्रोलिंग और पैदल गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनसंवाद, जल संरक्षण, विद्युत सुधार, गोशालाओं की सीसीटीवी निगरानी और तुलसी खेती के विस्तार समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में सांसद Anurag Sharma, मेयर Bihari Lal Arya, विधायक राजीव सिंह, डॉ. रश्मि आर्य, जवाहर लाल राजपूत, एमएलसी बाबूलाल तिवारी, रमा निरंजन सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव रखे। सांसद अनुराग शर्मा ने एम्स और आईआईटी के लिए भूमि उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया, जबकि मेयर बिहारी लाल आर्य ने डिफेंस कॉरिडोर और बीडा परियोजनाओं को देखते हुए एयरपोर्ट की मांग की।
