लखनऊ, 21 जून। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में उत्साह और जनभागीदारी का अनूठा नजारा देखने को मिला। प्रदेश के 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों और 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में लगभग 1.42 करोड़ छात्र-छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
विद्यालय परिसरों में विद्यार्थियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, अधिकारियों और अभिभावकों ने एक साथ योगाभ्यास किया। गांव से लेकर शहर तक योग दिवस के कार्यक्रमों में व्यापक सहभागिता देखने को मिली।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक गणेश कुमार के नेतृत्व में परिषद के नवीन परिसर में भी सामूहिक योग सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमित रूप से योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि योग भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक एकाग्रता, आत्मानुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में योग को बढ़ावा देकर बच्चों के व्यक्तित्व विकास और स्वस्थ जीवनशैली को मजबूत किया जा रहा है।
प्रदेशभर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मथुरा, बस्ती, कुशीनगर, अलीगढ़ और आजमगढ़ समेत कई जिलों में विशेष योग सत्र आयोजित किए गए।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी प्राथमिकता में है। यही कारण है कि विद्यालयों में योग, खेलकूद और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। योग दिवस पर मिली अभूतपूर्व सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में योग अब केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली का जनआंदोलन बन चुका है।
