उत्तर प्रदेश में इस वर्ष सामान्य से कम बारिश की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कृषि, सिंचाई, पेयजल और अन्य संबंधित विभागों को अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री ने मानसून की प्रगति, मौसम की स्थिति, पेयजल आपूर्ति और भूजल संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की अनिश्चितता और संभावित कम वर्षा को देखते हुए जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद बचाना जरूरी है और Catch the Rain अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। साथ ही भविष्य की योजनाओं को जल संरक्षण, हरित ऊर्जा और आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। जलापूर्ति व्यवस्था निर्बाध बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने सिंचाई, पंचायती राज, भूगर्भ जल, नमामि गंगे, राजस्व और कृषि विभाग को मिलकर साझा कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने कहा कि तालाबों और पोखरों में गांवों का गंदा पानी जाने से रोका जाए तथा सरकारी भवनों को जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनाया जाए। उन्होंने जल संरक्षण के प्रयासों को केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर जनसहभागिता से जोड़ने पर भी बल दिया।
बैठक में Surya Pratap Shahi, Swatantra Dev Singh, A K Sharma और Om Prakash Rajbhar सहित कई मंत्री मौजूद रहे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने रविवार शाम Anandiben Patel से शिष्टाचार मुलाकात भी की। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को योग विषयक पुस्तक भेंट की और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी।
