समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक Ravidas Mehrotra ने रविवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने नीट परीक्षा, राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चोरी विवाद, विपक्षी दलों पर कार्रवाई तथा केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
नीट परीक्षा को लेकर मेहरोत्रा ने कहा कि इस वर्ष 22 लाख 80 हजार से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं और उनका भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और गड़बड़ी मुक्त तरीके से संपन्न होनी चाहिए। साथ ही सभी छात्रों को समान अवसर और निष्पक्ष मूल्यांकन मिलना चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और चंदा विवाद पर सपा विधायक ने गंभीर सवाल उठाते हुए न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित घटना से पहले मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद थे और अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने पूछा कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है तो विशेष जांच दल (एसआईटी) किस आधार पर जांच कर रहा है।
मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त या कार्यरत न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसे साक्ष्य हैं जिन्हें उचित जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया। मेहरोत्रा ने कहा कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों और नेताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों और विधायकों को प्रभावित करने तथा राजनीतिक लाभ लेने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय है।
सपा विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उन्हें राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहकर कार्य करना चाहिए।
