शकुंतला विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में सोमवार को खाताधारकों का गुस्सा फूट पड़ा। एफडी के नाम पर जमा कराई गई रकम वापस न मिलने से नाराज 25 से अधिक ग्राहकों ने बैंक पहुंचकर प्रदर्शन किया और शाखा के कामकाज को प्रभावित कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैंक परिसर में नारेबाजी की, जबकि कुछ लोग फर्श पर बैठ गए और कई लेटकर विरोध जताने लगे।
खाताधारकों का आरोप है कि बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक ने अधिक ब्याज का लालच देकर उनसे फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) के नाम पर लाखों रुपये जमा कराए थे। बाद में जांच में पता चला कि उनके नाम पर कोई वैध एफडी नहीं की गई और उनकी रकम का गबन कर लिया गया।

पीड़ितों का कहना है कि 22 मई को बैंक के हेड ऑफिस में हुई बैठक के दौरान अधिकारियों ने 22 जून तक पैसा वापस कराने का आश्वासन दिया था। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बावजूद रकम वापस नहीं मिलने पर खाताधारकों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने सोमवार दोपहर बैंक पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी जमा पूंजी वापस नहीं की जाती, तब तक बैंक का सामान्य कामकाज नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान बैंक का मुख्य गेट भी बंद कर दिया गया और ग्राहक अपनी मांगों को लेकर शाखा परिसर में डटे रहे।
प्रदर्शन में रुचि गौतम, सुषमा, सरोजिनी, टिंकू, गुड़िया, मोनी राजपूत, फूलचंद, जयश्री, रामादेवी और अनीता वर्मा समेत कई पीड़ित शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जीवनभर की बचत फंस गई है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उल्लेखनीय है कि मामले में आरोपी बैंक मित्र शिवा राव और उसका सहयोगी दीपक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद कुछ ग्राहकों की रकम वापस की गई थी, लेकिन बड़ी संख्या में खाताधारक अब भी अपने पैसे का इंतजार कर रहे हैं।
