जालौन। प्रेम प्रसंग को लेकर मानसिक तनाव से जूझ रहे एक आईटीआई छात्र की जान मेटा अलर्ट और माधौगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गई। युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया था, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिले अलर्ट के आधार पर पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और समय रहते युवक को अस्पताल पहुंचाया गया।
माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुवंरपुरा निवासी 20 वर्षीय दीपेंद्र गौतम ने 21 जून को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा किया था। वीडियो के साथ उसने लिखा था, “माफ कर देना मुझे, मैं आपके लायक नहीं था, मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकता।” पोस्ट में आत्महत्या के संकेत मिलने पर मेटा ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को भेज दी।
सोशल मीडिया सेंटर ने युवक की लोकेशन ट्रेस कर जालौन पुलिस को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही माधौगढ़ थानाध्यक्ष अभिलाष कुमार मिश्र, कांस्टेबल मनीष शुक्ला और रिक्रूट कांस्टेबल गौरव कुमार युवक के घर पहुंचे।
पुलिस ने मौके पर युवक को नशे की हालत में पाया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने जहरीला पदार्थ (डाई) पी लिया है। युवक ने बताया कि उसका एक युवती से प्रेम संबंध था, लेकिन युवती के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं थे। इसी कारण वह मानसिक तनाव में था और उसने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।
पुलिस ने बिना समय गंवाए युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। इसके बाद युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग कराई गई। पुलिस ने परिवार को युवक के साथ संवाद बनाए रखने और उसकी भावनात्मक स्थिति पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

युवक ने लिखित और मौखिक रूप से आश्वासन दिया कि वह भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा। उसने अपने बयान में भी मानसिक तनाव की बात स्वीकार की है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से शुरू हुई समन्वित व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2023 से 15 जून 2026 तक प्रदेश में 3,163 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह मामला सोशल मीडिया निगरानी और त्वरित पुलिस कार्रवाई का एक और सफल उदाहरण माना जा रहा है।
