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बरेली में पं. राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण, पैतृक घर को संग्रहालय बनाएगी सरकार

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली स्थित पंडित राधेश्याम कथावाचक स्मृति भवन ऑडिटोरियम में हिन्दी साहित्य एवं लोकनाट्य परम्परा के महान नाटककार एवं सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित राधेश्याम कथावाचक की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने उनकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए उनके पैतृक घर को पर्यटन विभाग के माध्यम से संग्रहालय के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और संरक्षण पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों और सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करता है, वही विकास के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम कथावाचक के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से देश को जोड़ने का कार्य किया, संत तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस के जरिए रामभक्ति को जन-जन तक पहुँचाया और आधुनिक काल में पंडित राधेश्याम कथावाचक ने सरल भाषा और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से श्रीराम कथा को आम लोगों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि रामलीला मंचन में आज भी उनके लिखे संवादों की विशेष भूमिका है।

उन्होंने कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक ने अपनी लेखनी और कथावाचन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, श्रीराम कथा और सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाया। उनका साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित राधेश्याम कथावाचक के पैतृक आवास को संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ उनकी रचनाओं, दस्तावेजों और अन्य स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन और योगदान से परिचित हो सके। उन्होंने इस कार्य में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

पंडित राधेश्याम कथावाचक का जन्म 25 नवंबर 1890 को बरेली के बिहारीपुर मोहल्ले में हुआ था। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कृति ‘राधेश्याम रामायण’ है, जिसे उन्होंने खड़ीबोली और लोकनाट्य शैली में 25 खंडों में रचा। यह कृति देशभर में अत्यंत लोकप्रिय हुई और हिन्दी तथा उर्दू में इसकी करोड़ों प्रतियाँ प्रकाशित हुईं।

कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर, बरेली के महापौर डॉ. उमेश गौतम, पंडित राधेश्याम कथावाचक के परिजन तथा अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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