Homeउत्तर प्रदेशआगरा: डीएम के औचक निरीक्षण में सरकारी स्कूल की खुली पोल, प्रधानाध्यापिका...

आगरा: डीएम के औचक निरीक्षण में सरकारी स्कूल की खुली पोल, प्रधानाध्यापिका निलंबित

उत्तर प्रदेश सरकार के ‘स्कूल चलो अभियान’ की जमीनी हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने दो सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर शिक्षकों की सराहना की गई, जबकि दूसरे विद्यालय में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को तत्काल निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ चार्जशीट जारी करने और शासन को रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए।

Photo Credit; ETV Bharat

प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला में मिली बेहतर व्यवस्थाएं

जिलाधिकारी मनीष बंसल सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय छीपीटोला पहुंचे। यहां उन्होंने कक्षा 2, 3 और 5 के विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया। बच्चों से हिंदी और अंग्रेजी की पुस्तकें पढ़वाईं, पहाड़े और गिनती सुनी तथा ब्लैकबोर्ड पर स्वयं पढ़ाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

Photo Credit; ETV Bharat

डीएम ने विद्यार्थियों से नई किताबें, यूनिफॉर्म, मिड-डे मील और अन्य सरकारी सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने स्मार्ट क्लास, लाइब्रेरी और मिड-डे मील की गुणवत्ता का निरीक्षण किया तथा भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच की।

विद्यालय में 146 छात्र नामांकित हैं, जिन्हें दो शिक्षक और तीन शिक्षामित्र शिक्षा दे रहे हैं। व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देने के निर्देश दिए। साथ ही लाइब्रेरी में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए उच्च गुणवत्ता वाली एलईडी लाइट लगाने और बच्चों को सामान्य ज्ञान व व्यावहारिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

Photo Credit; ETV Bharat

पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहता में मिलीं गंभीर खामियां

इसके बाद जिलाधिकारी पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय रोहता पहुंचे, जहां निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं। विद्यालय में 235 छात्र नामांकित हैं और हाल ही में 56 नए प्रवेश हुए हैं, लेकिन निरीक्षण के समय केवल 108 छात्र ही उपस्थित मिले।

निरीक्षण में रसोईघर में राशन अव्यवस्थित मिला। कंप्यूटर कक्ष में नई स्मार्ट टीवी होने के बावजूद उसका उपयोग नहीं किया जा रहा था। खेल सामग्री और शिक्षण संसाधनों का भी बच्चों द्वारा उपयोग नहीं कराया जा रहा था। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब थी और कक्षा संचालन के दौरान कई बच्चे बाहर खेलते मिले।

मिड-डे मील को लेकर शिक्षकों पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी शिक्षकों से पूछा कि क्या वे बच्चों के साथ मिड-डे मील करते हैं। इस पर सभी शिक्षकों ने स्वीकार किया कि वे विद्यालय का भोजन नहीं खाते और घर से लाया भोजन ही करते हैं। इस जवाब पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अनुचित बताया।

प्रधानाध्यापिका निलंबित, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

विद्यालय में लगातार लापरवाही, कमजोर पठन-पाठन व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इंचार्ज प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही उनके खिलाफ चार्जशीट जारी करने और शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के आदेश भी दिए।

जिलाधिकारी ने बीडीओ बरौली अहीर, एडीओ पंचायत और खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय परिसर की तत्काल सफाई कराने तथा सभी कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों को समय से विद्यालय पहुंचने, नए नामांकन बढ़ाने, बच्चों के साथ मिड-डे मील करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के बाद विद्यालय का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular