लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गुरुवार रात से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह भी जारी रही। तड़के करीब 5:08 बजे फिर से तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। लगातार रिमझिम बारिश के बीच स्कूली बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे, जबकि अभिभावकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिनभर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
बीते 24 घंटों में लखनऊ में 27.2 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे अधिक वर्षा है। इससे पहले बुधवार को 18.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 94 प्रतिशत और न्यूनतम 74 प्रतिशत रही।
लगातार बारिश के कारण हजरतगंज चौराहा, ग्रीन कॉरिडोर, उदयगंज, लाटूश रोड, जानकीपुरम विस्तार, पारा और कानपुर रोड समेत कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित रहा। उदयगंज में सीवर लाइन के काम के बाद सड़क की मरम्मत न होने से लोगों को आवागमन में अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी।
बारिश का असर आम जनजीवन और रोज़गार पर भी दिखाई दिया। हजरतगंज में एक ऑटो चालक ने बताया कि सुबह छह बजे से करीब साढ़े तीन घंटे में उसे केवल 40 रुपये की सवारी मिली, जबकि सामान्य दिनों में इसी समय तक 800 से 1000 रुपये तक की कमाई हो जाती है।

नगर निगम की तैयारियों की भी परीक्षा हुई। मरीन ड्राइव के जलभराव वाले क्षेत्र में पहले से पंपिंग सेट तैनात किया गया, जबकि केसरी खेड़ा वार्ड के विक्रम नगर और सूर्य नगर में नालों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट बारिश के पानी के साथ दोबारा नालों में चली गई, जिससे नाले चोक होने की शिकायत सामने आई।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 जून से 9 जुलाई के बीच लखनऊ में 56.8 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 144.8 मिमी है। यानी अब तक सामान्य से 61 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और 12 जुलाई तक राजधानी में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।

