लखनऊ। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार को राजधानी लखनऊ में सियासी गतिविधियां तेज हो गईं। सपा प्रदेश कार्यालय के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर और होर्डिंग लगाए। सुबह से ही पार्टी कार्यालय के बाहर समर्थकों की आवाजाही बनी रही और परिसर में समर्थन से जुड़े संदेश वाले बैनर लगाए गए।

दिल्ली की कार्रवाई के विरोध में पोस्टर अभियान
सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और होर्डिंग के जरिए पार्टी नेतृत्व के प्रति एकजुटता का संदेश दिया। पोस्टरों में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और अखिलेश यादव के समर्थन में संदेश लिखे गए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इसका विरोध लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा।

होर्डिंग में डिंपल यादव की वह तस्वीर भी लगाई गई है, जिसमें वह दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान शामिल एक युवती को पानी पिलाती नजर आई थीं। इसके अलावा छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरों के साथ उनके संघर्ष को सलाम करने का संदेश भी दिया गया है।
विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल थे अखिलेश यादव
मंगलवार को अखिलेश यादव कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और NEET-UG 2026 के कथित पेपर लीक मामले को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर मौके से हटा दिया।
NEET पेपर लीक की जांच और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
विपक्षी दलों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है।
लखनऊ में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
दिल्ली की घटना के बाद लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की गतिविधियां बढ़ गईं। समर्थकों ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव के समर्थन में नारे लगाए और पोस्टर अभियान के जरिए पार्टी नेतृत्व के साथ एकजुटता दिखाई।
सपा नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। वहीं, लखनऊ में सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर और होर्डिंग को पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। दिल्ली की घटना के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
