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योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना 20 लाख रुपये की कमाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का जरिया बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव के रहने वाले शिवम सिंह इसकी मिसाल हैं। एक घायल देसी गाय की सेवा से शुरू हुआ उनका सफर आज आधुनिक डेयरी कारोबार तक पहुंच गया है। शिवम अब डेयरी से सालाना 20 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं।

घायल गाय की सेवा से शुरू हुआ सफर

शिवम सिंह के पिता राकेश सिंह को करीब पांच साल पहले रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली थी। परिवार उसे घर लेकर आया और उसकी सेवा शुरू की। धीरे-धीरे परिवार का लगाव गोपालन से बढ़ता गया और घर में गोवंश की संख्या भी बढ़ने लगी। आज शिवम की डेयरी में करीब 25 गोवंश हैं।

इसी दौरान शिवम को यूट्यूब के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और चयन होने के बाद उन्हें पांच लाख रुपये का ऋण मिला।

10 अच्छी नस्ल की गायें लाकर शुरू की आधुनिक डेयरी

योजना का लाभ मिलने के बाद शिवम राजस्थान से साहीवाल और गिर नस्ल की 10 अच्छी गायें लेकर आए। वर्तमान में उनकी डेयरी से रोजाना करीब 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इससे उनकी सालाना आय 20 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है।

शिवम का कहना है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना का लाभ लेकर अपने डेयरी कारोबार को और बड़ा करना चाहते हैं। साथ ही गांव और आसपास के लोगों को रोजगार देने की भी तैयारी कर रहे हैं।

ए2 दूध से घी और दूसरे उत्पाद बनाने की तैयारी

शिवम ने अपनी डेयरी में शुरुआत से ही आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। उनका फोकस अच्छी नस्ल की गायों के पालन और स्वदेशी नस्लों के संरक्षण पर भी है।

अब शिवम शुद्ध ए2 दूध से घी और दूसरे दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारने की योजना बना रहे हैं। इसके अलावा वह अच्छी देसी नस्लों के विकास और नस्ल सुधार के क्षेत्र में भी काम करना चाहते हैं।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

शिवम सिंह की कहानी बताती है कि अगर मेहनत, सेवा भाव और सही सरकारी योजना का साथ मिल जाए तो गांव में रहकर भी युवा सफल कारोबार खड़ा कर सकते हैं। एक घायल देसी गाय की सेवा से शुरू हुआ सफर आज 25 गोवंश और लाखों रुपये की सालाना आय वाले डेयरी कारोबार में बदल गया है।

शिवम की सफलता ग्रामीण युवाओं को पशुपालन और डेयरी व्यवसाय की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

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